ओबामा ने मुबारक से सख्त लहजे में बात की (लीड-1)
अरूण कुमार
वाशिंगटन, 29 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शुक्रवार को मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक से सख्त लहजे में बात की और कहा कि वह अपने वादों पर अमल करें तथा सड़कों पर प्रदर्शनरत हजारों प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने से बाज आएं।
ओबामा ने मुबारक से टेलीफोन पर ऐसे समम में बात की, जब थोड़े ही समय पहले मुबारक ने अपने देश को सम्बोधित करते हुए कहा था कि वह अपनी सरकार से कहने जा रहे हैं कि वह एक नई सरकार के लिए रास्ता साफ करे। इसके साथ ही उन्होंने काहिरा की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हजारों मिस्र वासियों की चिंताओं को दूर करने का भी संकल्प लिया था।
समाचार चैनल 'सीएनएन' के अनुसार मुबारक के इस सम्बोधन के साथ ही मिस्र के प्रमुख शहरों में सेना के टैंकों ने मार्च किया, क्योंकि शुक्रवार को देश का पुलिस बल, प्रदर्शनकारियों के आगे असहाय साबित हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने काहिरा में कई पुलिस थानों को आग के हवाले कर दिया था और पुलिस के कई वाहनों को पलट कर उनमें आग लगा दी थी।
ओबामा ने कहा, "उनके भाषण के ठीक बाद मैंने उनसे बात की और उनसे कहा कि वादे को पूरा करने वाले ठोस कदम उठा कर और कार्रवाई कर अपने वादों को अर्थवान बनाने की जिम्मेदारी उनकी है।"
ओबामा ने कहा, "हिंसा से मिस्र वासियों की शिकायतें दूर नहीं होंगी। विचारों के दमन से उन्हें समाप्त करने में कभी सफलता नहीं मिल पाती।"
ओबामा ने मिस्र सरकार के लिए अपनी सरकार के आग्रह को दोहराते हुए कहा कि वह इंटरनेट व मोबाइल फोन सेवाएं बहाल करे। उन्होंने कहा, "अस्थिरता के इस क्षण को वादे के क्षण में बदलना है।"
ओबामा ने कहा, "वहां हर हाल में सुधार होने चाहिए। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुधार, ताकि मिस्र के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हो सकें। इन सुधारों के अभाव में शिकायतें पनपी हैं।"
ओबामा ने कहा, "मौजूदा समय में इस तरह के ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, जो मिस्र के लोगों की मांगे पूरी करता हो।"
ओबामा ने जोर देकर कहा कि अमेरिका की मुख्य चिंता हिंसा रोकने को लेकर है। उन्होंने सरकार और प्रदर्शनकारियों, दोनों से शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
ओबामा ने कहा, "अमेरिका मिस्र के लोगों के अधिकारों के लिए हमेशा खड़ा रहेगा और भविष्य के निर्माण के लिए उनकी सरकार के साथ काम करता रहेगा, जो कि अधिक न्यायपूर्ण, अधिक मुक्त, और अधिक आशावान होगा।"
इसके पहले शुक्रवार को अमेरिका ने धमकी दी थी कि यदि मुबारक सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर तत्काल रोक नहीं लगाती और सुधारों को लागू करने के लिए आगे नहीं बढ़ती तो उसे दी जाने वाली सहायता रोक दी जाएगी।
ज्ञात हो कि अमेरिका, मुबारक का लम्बे समय से सहयोगी रहा है, लेकिन ओबामा ने अपनी टिप्पणियों में जोर देकर कहा कि वाशिंगटन मिस्र के लोगों के सार्वभौम अधिकारों के पक्ष में है।
ओबामा ने कहा, "मिस्र के लोगों के अपने सार्वभौम अधिकार हैं। इसमें शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित होने, अभिव्यक्ति की आजादी और अपने भाग्य का फैसला करने के अधिकार शामिल हैं। ये सभी मानवाधिकार हैं और अमेरिका इन अधिकारों के लिए कहीं भी खड़ा रहेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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