तिरंगा: क्या कश्मीर में डंडे खाने को तैयार है भाजपा?

मतलब अब भाजपा कार्यकर्ताओं को तिरंगा फहराने के लिए अपनी कुर्बानी देनी होगी। जम्मू-कश्मीर में पिछले एक साल से अलगाववादी बयार फिर से जोर पकड़ चुकी है। ऐसे में भाजपा का लाल चौक पर तिरंगा फहराने की हठधर्मी दिखाना देश में सांप्रदायिक आग को हवा दे सकता है। घाटी में अलगाववादी तत्व भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए प्रदेश में लामबंदी कर रहे हैं। अलगाववादियों ने 26 जनवरी को श्रीनगर के लालचौक पर जवाबी रैली निकालने और काले झंडे फहराने की घोषणा की है।
केंद्र सरकार और कश्मीर सरकार दोनों ही भाजपा को ये कदम ना लेने के लिए चेतावनी दे चुकी हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी गणतंत्र दिवस पर विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने से बचने की अपील की है। लेकिन भाजपा अपनी योजना को पूरा करने के लिए सभी से लोहा लेने को तैयार दिख रही है। तिरंगा यात्रा कोलकाता से 12 जनवरी को भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में शुरू हो चुकी है। डंडे खाने के लिए तैयार रहने जैसी चेतावनी का भाजपा के सूरमाओं पर क्या असर होता है, ये देखना काफी रोमांचक होगा।












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