चिदम्बरम को माकपा कार्यकर्ताओं के हथियार पर आपत्ति : कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को लिखे पत्र में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कार्यकर्ताओं को हथियार दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका पत्र राजनीति से प्रेरित नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के निरस्त्रीकरण के लिए था।पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद ने यहां संवाददाताओं को बताया, "माकपा कार्यकर्ताओं को हथियार दिए गए हैं और वे राज्य में नागरिक सेना की तरह कार्य कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को कार्यकर्ताओं से हथियार वापस लेने के लिए लिखा है। लोकतंत्र में केवल पुलिस ही हथियार से लैस रह सकती है।"अहमद ने कहा कि चिदम्बरम ने अपने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार को मिलीं शिकायतों से "संकेत मिलता है कि माकपा के सशस्त्र कार्यकताओं को नक्सल हमलों से रक्षा के लिए 'ग्राम रक्षा समूह' के रूप में गुप्त तरीके से तैनात किया गया।"
पत्र में चिदम्बरम ने कहा था, "पुख्ता सबूत हैं कि इनके अधिकांश शिविर माकपा कार्यालयों में हैं और ये स्थानीय कार्यकर्ता हैं। यह गहरी चिंता का विषय है कि इन कार्यकर्ताओं को अग्नेयास्त्र मुहैया कराए गए हैं।"माकपा ने हालांकि आरोप लगाया गया है कि इस पत्र का उद्देश्य है राज्य में प्रमुख विपक्षी दल और केंद्र सरकार में साझेदार तृणमूल कांग्रेस की मदद करना। मकपा ने इस पत्र के लिए माफी मांगने की मांग की है।
अहमद ने कहा, "राजनीति में किसी से इस्तीफा या माफी की मांग करना बहुत आसान है। जहां तक इस पत्र का सवाल है, गृह मंत्री ने उन पार्टी कार्यकर्ताओं से हथियार वापस लेने को कहा है जो गैरकानूनी गतिविधि में शामिल हैं।"












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