रेलवे-सड़क मार्गों पर गूजरों का आंदोलन जारी

Gujar

नारायण बारेठ, बीबीसी संवाददाता, जयपुर

गूजर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं. राजस्थान में आरक्षण की मांग कर रहे गूजरों ने शनिवार को भी रेल और सड़क मार्गों को अवरूद्ध किया हुआ है. गूजरों का आंदोलन छठे दिन प्रवेश कर चुका है और उनके तेवर अभी भी तीखे बने हुए हैं. इन आंदोलनकारियों के रेल पटरियों की घेरेबंदी करने से रेल यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

गूजरों के पटरियों पर आ जाने से भीलवाड़ा और अजमेर के बीच गाड़ियों का आवगमन रुक गया है. इन आंदोलनकारियों ने दिल्ली -मुंबई और जयपुर-दिल्ली मार्ग पहले से ही रोक रखा है. इसकी वजह से यात्री अपनी टिकटें रद्द करा रहे हैं. उत्तर-पश्चिम रेलवे ने सात हज़ार यात्रियों की टिकट रद्द की है जिसके एवज में रेलवे को इक्कीस लाख रूपए का भुगतान करना पड़ा है.

ये गूजर सरकार से पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं. सरकार से नाराज़ गूजर समुदाय जगह-जगह पर पंचायत कर रहा है और पंचायत में फ़ैसले लेने के बाद वे जगह-जगह सड़कों पर भी यातायात अवरुद्ध कर रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गूजर नेताओं से रेल मार्गों को छोड़ कर बातचीत की टेबल पर आने का आग्रह किया है लेकिन आंदोलनकारी टस से मस होने के लिए तैयार नहीं हैं.

पिछले पांच दिनों से भरतपुर ज़िले के पिलुकापुरा में दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर डेरा डाले बैठे गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ''जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली जातीं हम रेल पटरियों से नहीं हटेगें. मेरी राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात हुई है, देखते हैं आगे क्या होता है.''

इस आंदोलन ने तब तेज़ी पकड़ी थी जब भाजपा के विधायक हेम सिंह भड़ाना एक भीड़ को लेकर दौसा ज़िले के बांदीकुई रेलवे स्टेशन के समीप उस मार्ग पर जा डटे जो दिल्ली को जयपुर से जोड़ता है. पुलिस ने जब आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की तो वे उन पर पथराव करने लगे. इसके बाद पुलिस पीछे हट गई थी.

इस मार्ग के बाधित होने से रेलवे को 55 गाड़ियों का मार्ग बदलना पड़ा था. इससे यात्रियों को भी ख़ासी परेशानी हुई. इस आंदोलन के कारण दिल्ली-मुंबई मार्ग पर हर रोज़ तीस गाड़ियों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है. आंदोलनकारी अब कुछ नए मार्गो को अवरुद्ध करने की योजना बना रहे हैं. कांग्रेस सरकार किसी भी सूरत में टकराव टालना चाहती है ताकि कहीं हिंसा की नौबत न आए.

राज्य के गृहमंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि सरकार गूजर नेताओं के साथ बातचीत का प्रयास कर रही है. गूजर नेताओं का एक दल शुक्रवार की रात तीन मंत्रियो की उस समिति से मिला था जो सरकार ने गूजर समाज से सुलह सफ़ाई के लिए गठित की थी.

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