शहद से उतारिए नशे का खुमार
रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री का दावा है कि शहद में पाए जाने वाला फ्रुक्टोज शराब को नुकसान रहित पदार्थो में तोड़ने में शरीर की मदद करता है। यह फ्रुक्टोज गोल्डेन सिरप में भी पाया जाता है।
रॉयल सोसाइटी के जॉन एम्स्ले का कहना है कि नशे का खुमार कष्टकर इसलिए होता है, क्योंकि शराब पहले एसीटलडिहाइड में बंटती है। यह तत्व शरीर के लिए जहरीला होता है।
फ्रुक्टोज की मदद से एसीटलडिहाइड एसीटिक अम्ल में बदल जाता है। यह अम्ल जब शरीर की उपापचय क्रिया में खर्च हो जाता है और कार्बन डाई ऑक्साइड में बदलता है, जो शरीर से बाहर हो जाती है।
पावरोटी पर जब आप शहद लगाकर खाते हैं, तो इससे शरीर को पाटेशियम और सोडियम भी मिलता है, जो शरीर को शराब के असर को झेलने में सहयोग करता है।
'कंज्यूमर्स गुड केमिकल गाइड' के लेखक एम्स्ले ने कहा कि एसीटलडिहाइड एक जहरीला रसायन है, जिससे नशे का खुमार चढ़ता है। इसमें सिर में दर्द और उल्टी महसूस होती है और कई बार उल्टी हो भी जाती है।
एसीटलडिहाइड के कम जहरीले रसायन में टूटने के साथ खुमार भी धीरे-धीरे उतरता जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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