प्रसार भारती के सीईओ के निलंबन पर राष्ट्रपति की मुहर

पाटील ने इस महीने की शुरुआत में प्रसार भारती के सीईओ के खिलाफ लगे वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों की जांच सर्वोच्च न्यायालय से कराने की अपनी सहमति दी थी। पाटील की यह स्वकृति सरकार द्वारा दिए गए एक संदर्भ के बाद आया है।
वर्ष 1971 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी लाली को केंद्रीय सतर्कता आयोग ने विशेषाधिकारों के हनन का दोषी पाया था। लाली ने कुछ प्रसारण कम्पनियों का पक्ष लेते हुए वित्तीय कुप्रबंधन किया है। उल्लेखनीय है कि प्रसार भारती देश का सार्वजनिक प्रसारणकर्ता है और ऑल इंडिया रेडियो एवं दूरदर्शन इसके घटक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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