सरकार ने मिटाईं शिक्षा विधेयक से जुड़ीं आशंकाएं
उन्होंने कहा, "नए विधेयक (शिक्षा अधिकरण) का उद्देश्य सरकार को नियामक बनना नहीं है, बल्कि शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।"
इस विधेयक में शिक्षा से सम्बंधित मामलों की सुनवाई के लिए द्वि-स्तरीय न्यायाधिकरण के गठन का प्रस्ताव है। निजी शिक्षण संस्थानों ने हालांकि यह कहते हुए इस योजना की आलोचना की है कि इससे उन पर सरकार का नियंत्रण बढ़ेगा।
सचिव ने स्पष्ट तौर पर कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों को केवल मुनाफे के लिए कार्य नहीं करना चाहिए।
दास ने कहा, "भारत जैसे विकासशील देश में शैक्षिक संस्थानों का एक मात्र उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं होना चाहिए। यदि वे मुनाफाखोरी करेंगे और इसके लिए प्रणाली में व्यवधान डालेंगे तो इसके लिए दंड का प्रावधान है।"
उन्होंने कहा, "छात्रों को सिर्फ इसलिए उच्चतर शिक्षा हासिल करने से इंकार नहीं करना चाहिए कि वह व्यय-साध्य है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications