घाटी में कड़ाके की ठंड, स्कूलों खुले रखने का विरोध
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में शीतलहर के प्रकोप और तापमान के शून्य से भी नीचे चले जाने के बाद कक्षाओं में छात्र सर्दी से ठिठुरने को मजबूर हैं। इस बीच सर्दियों में भी स्कूलों को खुला रखने के सरकार के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है।श्रीनगर में बुधवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा और भी लुढ़केगा।
गौरतलब है कि घाटी में इस साल अशांति की स्थितियां पैदा होने के बीच 11 जून से चार महीने तक स्कूल बंद रहे थे। इस दौरान छात्रों की पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने शीतकालीन कक्षाएं चलाने का आदेश जारी किया था।कक्षा नौ से 12 तक के जिन 2.5 लाख छात्रों की कक्षाएं जारी रखने का आदेश दिया गया है वे कड़ाके की सर्दी झेलने को मजबूर हैं।
कम से कम तीन निजी स्कूलों के छात्र मंगलवार को श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव में शीतकालीन कक्षाओं के विरोध के लिए जमा हुए और उन्होंने कक्षाओं को गर्म रखने की पर्याप्त व्यवस्था न होने के प्रति भी विरोध जताया।सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के प्रांतीय अध्यक्ष अली मुहम्मद डार ने बुधवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उनके सर्दियों में स्कूलों को खुला रखने के निर्णय पर दोबारा विचार के लिए कहा है।
डार ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि छात्रों को परेशानी हो रही है इसलिए वह निजीतौर पर उनके इस निर्णय पर एक बार फिर गौर करें।"एक स्थानीय वकील ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सरकार या तो स्कूलों में छात्रों के लिए कक्षाओं को गर्म रखने की पूरी सुविधा उपलब्ध कराए या उन्हें सर्दी से बचाने के लिए अपने इस निर्णय को वापस ले।
सहायक मौसम विज्ञानी एम.एस. वानी ने बताया, "बुधवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। लेह में शून्य से 9.6 डिग्री नीचे और करगिल में शून्य से 10.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।"












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