भोपाल में किसानों का ऐलान, आदेश लेकर ही लौटेंगे
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को सरकार और भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में 50 प्रमुख मांगों पर सहमति बन जाने के बाद भी किसान राजधानी से हटने को तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि मांगों पर सरकार का लिखित आदेश मिल जाने के बाद ही वे यहां से जाएंगे। सड़कों पर डेरा जमाने से मुख्यमंत्री के आवास की तरफ जाने वाली सड़कों सहित राजधानी की अधिकांश सड़कों पर जाम लग गया है।
प्रदेश के किसान बिजली, खाद सहित 183 मांगों को लेकर सोमवार से राजधानी की सड़कों पर डेरा डाले हुए हैं। सोमवार को समझौता वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार को सरकार व किसान नेताओं की बल्लभ भवन में समझौता वार्ता हुई।इस समझौता वार्ता के बाद सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में किसान नेता शिवकुमार शर्मा ने ऐलान किया कि सरकार ने 50 प्रमुख मांगों को मानते हुए आदेश जारी करने का भरोसा दिलाया है, लेकिन सरकार का आदेश देर शाम तक किसानों के पास नहीं पहुंचा है।
पॉलीटेक्निक चौराहे के समीप सभा स्थल पर उपस्थित किसान नेता सुरेश गुर्जर ने आईएएनएस को बताया कि सरकार का लिखित आदेश आने के बाद ही किसान भोपाल छोड़ेंगे।ज्ञात हो कि भारतीय किसान संघ के आह्वान पर प्रदेश भर से किसान सोमवार को भोपाल की सड़कों पर उतरे हैं। मंगलवार सुबह कुछ सड़कों पर आवागमन सुधरा लेकिन रोशनपुरा व पॉलीटेक्निक चौराहे पर किसानों का डेरा जारी रहा। न्यू मार्केट से कमला पार्क तथा राजभवन से पॉलीटेक्निक कॉलेज के मार्गो पर किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से जाम लगाए हैं।
किसानों का आरोप है कि उन्हें जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। उन्हें नकली खाद और घटिया किस्म का बीज दिया जा रहा है। उनका कहना है कि राजस्व विभाग सहित अन्य विभाग किसानों की समस्याएं को हल करने को तैयार नहीं हैं।सोमवार को पूरे दिन किसानों के आंदोलन के चलते राजधानी में जाम की स्थिति रही।
राजधानीवासीएक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए भटकते रहे। लोगों को मंगलवार को कुछ राहत जरूर मिली लेकिन यातायात सामान्य नहीं रहा।सरकार की ओर से सोमवार को किसानों को मनाने की पहल की गई, लेकिन किसान मौखिक आश्वासन मानने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि सरकार उनकी मांगों पर आदेश जारी करे।












Click it and Unblock the Notifications