येदियुरप्पा का दावा- रिश्तेदारों ने भूखंड वापस किए

येदियुरप्पा ने मीडिया को बताया कि भूखंड इसलिए वापस कर दिए गए, क्योंकि विपक्ष निराधार आरोप लगा रहा है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर अपने पारिवारिक सदस्यों को भूखंड आवंटित किया था। भूखंड वापस किए जाने सम्बंधी यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केंद्रीय नेतृत्व भूमि घोटाले से येदियुरप्पा के नाम जुड़ने के बाद की स्थिति पर शुक्रवार को दिल्ली में चर्चा करने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि उनके दो बेटों, बेटी, दामाद, बहन, बहन के बेटे और बहू को या तो आवासीय या व्यावसायिक या फिर दोनों तरह के भूखंड आवंटित किए गए हैं। लेकिन येदियुरप्पा यह कहते हुए अपने इस कदम का बचाव कर रहे हैं कि कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के उनके पूर्ववर्तियों ने भी ऐसा किया था। कांग्रेस और जद (एस) येदियुरप्पा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, क्योंकि कथित भूमि सौदों में उन्होंने अपने परिवार को लाभ पहुचाया है। जद (एस) ने 50 अरब रुपये के घोटाले का दावा किया है।
येदियुरप्पा ने इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने इस सौदे में कुछ गलत किया है। उन्होंने कहा है कि गुरुवार को घोषित मामले की न्यायिक जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्य रूप से बेंगलुरू और आसपास के इलाकों में पिछले 10 वर्षो के दौरान हुए सभी भूमि सौदों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है। न्यायाधीश के नाम और उसके अधिकार क्षेत्र की घोषणा होनी अभी बाकी है।












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