गठिया के दर्द को कम करता है खुशहाल वैवाहिक जीवन
अकेले जीवन जीने वालों और नाखुश वैवाहिक साथियों की तुलना में जिन मरीजों को प्यार करने वाले पति या पत्नी का सहयोग मिलता है उनमें जोड़ों के दर्द की शिकायत कम होती है।
जब शरीर का रोग प्रतिरोधक तंत्र हड्डियों के जोड़ों पर हमला करता है तब उनमें कठोरता आ जाती है, दर्द होने लगता है और वे सूज जाते हैं। कलाई, उंगलियों, पैर की उंगलियों, एड़ी और घुटनों के इससे प्रभावित होने का ज्यादा खतरा रहता है। बीमारी की गम्भीरता बढ़ जाने पर व्यक्ति ठीक से चल नहीं पाता और उसे जीवनभर इसी स्थिति में रहना पड़ता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि मजबूत विवाह से मिलने वाले भावनात्मक स्थायित्व का शारीरिक संवेदनाओं जैसे दर्द पर असरदार प्रभाव होता है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक इस अध्ययन के परिणाम पूर्व में हुए एक और अध्ययन के परिणामों की भी पुष्टि करते हैं। पूर्व के अध्ययन के मुताबिक अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में विवाहित लोगों में गठिया की बीमारी धीमी गति से बढ़ती है।
अमेरिका के जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय की अध्ययनकर्ता जेनीफर बास्र्की रीसी कहती हैं कि अध्ययन के परिणाम अच्छे स्वास्थ्य और सुखद वैवाहिक जीवन के बीच सम्बंध बताते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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