बॉबी के बाद अब निकी की बारी

रिपब्लिकन पार्टी की हेली बहुत ही कम अंतर से जीत पाई हैं और माना जा रहा है कि चुनाव से पहले उनके ख़िलाफ़ आए कई स्कैंडलों की वजह से उनकी जीत का अंतर कम रहा.उनपर आरोप लगा था कि वो अपना टैक्स समय पर नहीं चुकाती थीं.उन्हें लगभग 52 प्रतिशत मत मिले हैं और उनके डेमोक्रैट प्रतिद्वंदी विंसेंट शेहीन को 46 प्रतिशत मत प्राप्त हुए.
हेली की उम्र 38 साल की है और भारत छोड़कर आए उनके सिख माता-पिता का कपड़ों का व्यापार था.लेकिन लूइज़ियाना के भारतीय मूल के गवर्नर बॉबी जिंदल की तरह ही हेली ने भी अपने भारतीय मूल का कभी ज़िक्र नहीं किया है और चुनाव अभियान में अपने को एक ईसाई के तौर पर ही पेश किया.लेकिन इसके बावजूद उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान एक रिपब्लिकन सांसद के नस्लभेदी तानों का सामना करना पड़ा.
उस सांसद ने उन्हें 'रैगहेड" कहा जो आमतौर पर मध्य-पूर्व के लोगों के लिए अपमान के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.निक्की हेली का नाम तब उभरा जब पिछले चुनावों की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार सेरा पेलिन ने प्राइमरी चुनाव में उनका अनुमोदन किया.उनके नाम का अनुमोदन दक्षिणपंथी टी पार्टी आंदोलन में महिला उम्मीदवारों की पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया.साउथ कैरोलाइना नागरिक अधिकार आंदोलन की कर्मभूमियों में से एक है और कांटे की टक्कर वाली राजनीतिक मुक़ाबलों के लिए जाना जाता है.












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