स्टाम्प घोटाले के मुख्य आरोपी का समर्पण
जानकारी के मुताबिक उज्जैन के कोषालय से पूरे प्रदेश के कोषालयों व उप कोषालयों में स्टाम्प पेपर की आपूर्ति की जाती है। जनवरी से मार्च 2010 की अवधि के दौरान एक दर्जन से अधिक कोषालय और उपकोषालयों के नाम पर साढ़े तीन करोड़ रुपये के स्टाम्प पेपर आवंटित किए गए।
बीते माह इस बात का खुलासा हुआ कि कोषालय व उपकोषालयों ने स्टाम्प पेपर की मांग ही नहीं की थी, जबकि उनके जिलों को लाखों रुपये के स्टाम्प पेपर भेजे गए। इस दौरान स्टाम्प पेपर स्टोर का लिपिक और मुख्य आरोपी अशोक शर्मा लम्बी छुटटी पर चला गया था। बाद में लिपिक अशोक शर्मा के खिलाफ माधवनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया। अशोक शर्मा ने गुरुवार को माधवनगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
वहीं दूसरी ओर स्टाम्प पेपर घोटाले की भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि उज्जैन से स्टाम्प पेपर कहां-कहां भेजे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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