शिया संगठन ने की मंदिर निर्माण में मदद की पेशकश
इस संगठन का नाम 'शिया हुसैनी टाइगर्स' है। संगठन के प्रमुख शमील शम्सी ने शनिवार को संवादाताओं से कहा, "हम सुन्नी सेट्रल वक्फ बोर्ड से औपचारिक आग्रह करेंगे कि वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील न करे और इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए।"
शम्सी ने कहा है कि वह इस बारे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर अपील करेंगे। वह प्रमुख शिया धर्मगुरु और पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे मौलाना कल्बे सादिक के नजदीकी रिश्तेदार हैं।
मौलाना कल्बे सादिक की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। उनके चेचेरे भाई मौलाना कल्बे जव्वाद 'शिया हुसैनी टाइगर्स' के संरक्षक हैं। शम्सी ने कहा है कि जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव जैसे लोगों की ओर से फैसले की आलोचना करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरतलब है कि गुरुवार को तीन न्यायधीशों की पीठ ने अयोध्या मामले में फैसला दिया। इसमें तीनों ने बहुमत से फैसला दिया कि जिस जगह राम लला विराजमान है, वही भगवान राम का जन्मस्थान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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