बिहार चुनाव : कांग्रेस के बाद अब भाजपा-जद (यु) में उभरा विरोध (राउंडअप)
चुनाव आयोग ने बुधवार को ही बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 45 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी। इससे पहले, 27 सिंतबर को पहले चरण के तहत 47 सीटों के लिए होने वाले चुनावों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी।
दूसरे चरण में पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले के विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है।
लम्बे इंतजार के बाद सतारूढ़ जद (यु) ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची में पहले और दूसरे चरण में होने वाले चुनाव के लिए 54 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
जद (यु) के प्रवक्ता रविन्द्र सिंह ने पटना में उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए कहा कि इसमें सभी समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
इधर, जद (यु) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा के सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने टिकट वितरण में पार्टी के कर्मठ लोगों को तरजीह नहीं दिये जाने से नाराज होकर बुधवार को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने किसी एक व्यक्ति को इसके लिए दोषी नहीं मानते हुए कहा, "मैं किसी को दोष नहीं दे रहा। मैं खुद को ही असक्षम पा रहा था। इसी कारण मैंने पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओ को न्याय नहीं मिल रहा है।"
ज्ञात हो कि इसके पूर्व राजगीर में हुए जद (यु) के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी कुशवाहा ने मंच से पार्टी में कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं देने का मामला उठाया था।
इस बीच, जद (यु) कार्यकर्ताओं ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में भी टिकट वितरण में हुए धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। बाद में कार्यालय में पुलिस को बुलाया गया तब जाकर मामला शांत हुआ।
भाजपा में भी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही विरोध के स्वर उठने लगे। भाजपा के सहरसा के निवर्तमान विधायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की बुधवार को घोषणा कर दी।
अपना टिकट कटने से नाराज सहरसा के वर्तमान विधायक संजीव कुमार झा के सहरसा पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया तथा टिकट बांटने में धांधली का आरोप लगाया। झा ने टेलीफोन पर आईएएनएस को बताया कि पार्टी ने उनका टिकट काट उनके निष्ठा पर आघात किया है। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई कौरवों और पांडव के बीच है।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी कार्यकर्ता के साथ थे ओर आज भी हैं। उन्होंने अपना टिकट कटने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि वह चार अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे।
ज्ञात हो कि कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद असंतुष्ट नेताओं का विरोध मंगलवार को खुलकर सामने आया था। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के साले साधु यादव ने टिकट बंटवारे से असंतुष्ट होकर कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति से इस्तीफा दे दिया था। पूर्व सांसद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद ने भी टिकट वितरण पर असंतोष जताया था।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने मंगलवार की रात 87 सीटों के लिए अपने उम्मीदवार की पहली सूची जारी की थी। जिसमें एक मंत्री समेत तीन वर्तमान विधायकों के टिकट काटे गए।
विधानसभा चुनाव में जद (यु) और भाजपा सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। दोनों दलों में समझौते के तहत भाजपा के हिस्से 102 सीटें आई हैं वहीं जद (यु) के खाते में 141 सीटें आई हैं।
बिहार में छह चरणों के तहत 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चुनाव होने हैं। मतगणना की तिथि 24 नवंबर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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