बिहार चुनाव : अब भाजपा व जद (यु) में उभरा विरोध (लीड-1)
जद (यु) के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य उपेन्द्र कुशवाहा ने टिकट वितरण में पार्टी के कर्मठ लोगों को तरजीह नहीं दिए जाने से नाराज होकर बुधवार को महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने किसी एक व्यक्ति को इसके लिए दोषी नहीं मानते हुए कहा, "मैं किसी को दोष नहीं दे रहा। मैं खुद को ही असक्षम पा रहा था। इस कारण मैंने इस पद से इस्तीफा दिया है। पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं मिल रहा है।"
ज्ञात हो कि इसके पूर्व राजगीर में हुए जद (यु) के कार्यकर्ता सम्मेलन में भी कुशवाहा ने मंच से पार्टी में कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं देने का मामला उठाया था।
इसके पूर्व भाजपा में भी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही विरोध के स्वर उठने लगे। भाजपा के सहरसा के निवर्तमान विधायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की बुधवार को घोषणा कर दी।
अपने टिकट कटने से नाराज सहरसा के निवर्तमान विधायक संजीव कुमार झा के सहरसा पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया तथा टिकट बांटने में धांधली का आरोप लगाया। झा ने टेलीफोन पर आईएएनएस को बताया कि पार्टी ने उनका टिकट काट उनकी निष्ठा पर आघात किया है। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई कौरवों और पांडव के बीच है।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी कार्यकर्ता के साथ थे और आज भी हैं। उन्होंने अपना टिकट कटने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि वह चार अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने मंगलवार की रात 87 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। जिसमें एक मंत्री सहित तीन वर्तमान विधायकों का टिकट काट दिया गया है।
सहरसा से संजीव कुमार झा का टिकट काट वहां से आलोक झा को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा ने राज्य में 102 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में जद (यु) और भाजपा मिलकर सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। समझौते के तहत भाजपा के हिस्से 102 सीटें आई हैं वहीं जद (यु) के खाते में 141 सीटें आई हैं।
बिहार में छह चरणों के तहत 21 अक्टूबर से 20 नवंबर तक चुनाव होने हैं। मतगणना की तिथि 24 नवंबर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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