ज्यादा बारिश से हिमाचल के सेबों की गुणवत्ता प्रभावित

शिमला, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। चीजें जैसी दिखती हैं वैसी होती नही हैं। यही हाल अब आप हिमाचल प्रदेश के सेबों का भी देख सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में इस साल लगातार बारिश के कारण सेबों की मिठास गायब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि सेब देखने में तो आकर्षक, बड़े और चटख लाल रंग वाले हैं लेकिन हफ्तों तक धूप नहीं खिलने के कारण इनमें मिठास मौजूद नहीं है।

सोलन स्थित वाई. एस. परमार बागवानी विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक एस. पी. भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा, "अगस्त और सितम्बर महीनों में लंबे समय तक छाये रहे बादलों के कारण प्रकाश संश्लेषण की प्राकृतिक प्रक्रिया में बाधा पहुंची है।"

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के जरिए ही पौधे कार्बन डाइ आक्साइड को जैविक उत्पादों खासकर मिठास और सूर्य की रोशनी को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस साल प्रदेश में सेबों का रिकार्ड 4.5 करोड़ बक्सा उत्पादन हुआ है। एक बक्से में 20 किलोग्राम सेब होते हैं।

अब तक 3.5 करोड़ बक्से सेब विभिन्न बाजारों में भेजे जा चुके हैं।

प्रदेश की अर्थव्यवस्था जल विद्युत और पर्यटन क्षेत्र के अलावा बड़े पैमाने पर सेबों पर निर्भर है। प्रदेश में सेब उद्योग की कीमत 1,500 करोड़ रुपये आंकलित की गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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