शांति वार्ता में हिस्सा लेंगे 19 उल्फा कमांडर : गोगोई
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बताया, "असम में उनकी संख्या ज्यादा है। उन्हें गिरफ्तार भी नहीं किया जा सकता क्योंकि वे स्वयं शांति वार्ता में भाग लेने क ेलिए बांग्लादेश से आए हैं।"
विद्रोही कमांडरों का नेतृत्व करने वाले अनु बुरागोहें, भैती बरूआ, बिजू डेका और प्रद्युत बुरागोहैं ने स्वयं को गुरुवार को बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया। बांग्लादेशी अधिकारियों ने उन्हें शनिवार को मेघालय सीमा के किसी स्थान पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के हवाले किया।
गोगोई ने बताया कि वह उनकी पक्की संख्या के बारे में नहीं बता सकते। लेकिन उल्फा कमांडरों की जितनी संख्या पहले बताई गई है, वह अधिक भी हो सकती है।
इसके पहले कि खबरों में बताया गया कि उल्फा के 19 नेता अपने परिवारों के साथ असम पहुंचे हैं और उन्हें पुलिस की हिरासत में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उल्फा नेताओं का बड़ी संख्या में शांति-प्रक्रिया के लिए आगे आना अच्छा संकेत है। वहीं इस संगठन के प्रमुख नेता परेश बरूआ ने शांति प्रक्रिया में भाग लेने वाले नेताओं को धोखेबाज करार दिया है।
उल्फा प्रमुख बरूआ ने अपने ईमेल से भेजे गए बयान में कहा कि उसके कुछ साथी अपने परिवार के साथ भाग गए हैं। उनकी मदद भारतीय खुफिया एजेंसियां और जेल में बंद संगठन के कुछ बड़े नेताओं ने की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications