अयोध्या मामले पर निर्मोही अखाड़ा भी जाएगा सर्वोच्च न्यायालय
इससे पहले सेवानिवृत्त अधिकारी रमेशचंद्र त्रिपाठी फैसला टालने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
निर्मोही अखाड़े के वकील रंजीत लाल वर्मा ने यह जानकारी सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करने के लिए दिल्ली रवाना होने से ऐन पहले दी।
वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्मवीर शर्मा के सेवाकाल में विस्तार के लिए सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध भी करने वाले हैं। न्यायमूर्ति शर्मा इसी महीने के आखिर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
न्यायमूर्ति शर्मा अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ के सदस्य हैं।
उच्च न्यायालय ने गत 27 जुलाई को इस मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था और फैसला सुनाने की तारीख 24 सितम्बर तय की गई थी।
बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाने पर 28 सितम्बर तक रोक लगा दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications