पाकिस्तानी राष्ट्रपति को मिला अभयदान
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने कहा कि पद की गरिमा के कारण राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से शुरू नहीं किया जा सकता।
महान्यायवादी न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनवर-उल-हक ने जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से शुरू किए जाने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को शुक्रवार को एक पत्र भेजा। इस बीच कानून मंत्रालय ने महान्यायवादी के पत्र की व्याख्या के साथ प्रधानमंत्री को यह कहते हुए एक पत्र भेजा है कि जरदारी के खिलाफ मामलों को फिर से इसलिए नहीं शुरू किया जा सकता, क्योंकि राष्ट्रपति कार्याकाल में उन्हें अभयदान प्राप्त है।
खबर है कि प्रधानमंत्री ने कानून मंत्रालय से सहमति जताई है और 27 सितम्बर को अगली सुनवाई के दौरान इस पक्ष को सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। सूचना मंत्री कमर जमान कैरा ने कहा, "राष्ट्रपति को अभयदान प्राप्त है और हमें इस मामले में कोई भ्रम नहीं है। हम किसी भी संस्थान के साथ कोई गतिरोध नहीं चाहते और जब तक हमें संसद में बहुमत प्राप्त रहेगा, हम सत्ता में बने रहेंगे।" ज्ञात हो कि पाकिस्तानी संविधान की धारा 248 के तहत राष्ट्रपति को अभयदान प्राप्त है।












Click it and Unblock the Notifications