घाटी में कर्फ्यू में ढील, प्रधानमंत्री ने की योजनाओं की समीक्षा (लीड-1)
राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में तनावपूर्ण स्थिति में सुधार को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को कर्फ्यू में ढील दी। श्रीनगर के एक अधिकारी ने बताया, "शहर के हजरतबल, जैदीबल, जाकुरा, सौरा पुलिस स्टेशन में रविवार को 11 बजे से कर्फ्यू में छूट दी गई।"
अधिकारी ने कहा, "घाटी के सभी शहरों में चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू एवं प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। यह फैसला कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार को देखते हुए उठाया गया है।"
हुर्रियत संगठन के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली गिलानी ने रविवार को लोगों से रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियां शुरू करने की अपील की।
शहर में रविवार को छुट्टी होने के बावजूद दुकानें, बाजार और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठान खुले और इस दौरान लोगों ने आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी की। वाहनों की भी आवाजाही रही।
इधर, दिल्ली में प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर में रोजगार में वृद्धि की योजना में प्रगति की समीक्षा की और विशेषज्ञ समिति को रोजगार के स्थाई अवसर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति से शनिवार शाम को मुलाकात की। समिति ने उन्हें योजना में हुई प्रगति से अवगत कराया।
बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री ने कहा कि समिति कौशल निर्माण, शिक्षा और उद्योगों में नागरिक समितियों का जुड़ाव जैसे सभी मुद्दों पर ध्यान देते हुए रोजगार के स्थाई अवसर सुनिश्चित करे।" विशेषज्ञ समिति ने प्रदेश में रोजगार बढ़ाने के लिए किए जा रहे दीर्घकालिक उपायों की जानकारी दी।
इस बीच कश्मीर के लिए घोषित आठ सूत्री कार्यक्रम से आम कश्मीरियों में शांति की आस दिख रही है लेकिन ज्यादातर अलगाववादियों ने सरकार की इस पहल को खारिज कर दिया है।
श्रीनगर के एक दुकानदार बशीर अहमद भट्ट का कहना है, "मैं यही उम्मीद और दुआ करता हूं कि कश्मीर में अमन बहाल हो और मौत व बर्बादी का मंजर थम जाए।"
भट्ट ने कहा, "यह कहना कठिन है कि सरकार की घोषणा का जमीनी स्तर पर क्या प्रभाव पड़ेगा लेकिन मैं इससे बेहतरी की उम्मीद करता हूं। मेरी यही दुआ है।"
इसी तरह स्थानीय निवासी नजीर अहम कहते हैं, "अगर सभी पक्ष गंभीर हों तो कश्मीर समस्या का हल ढूंढ़ना मुश्किल नहीं है। अभी भी देर नहीं हुई है। किसी को हमें उस पीड़ा से मुक्त कराने के लिए आगे आना चाहिए जिसका हम लागातार सामना कर रहे हैं।"
राज्य की मुख्य विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने सरकार की घोषणा का स्वागत किया है। पार्टी के नेता नईम अख्तर ने कहा, "यह एक अच्छी शुरुआत है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए अच्छी शुरुआत का होना जरूरी है।"
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि नई दिल्ली ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह कश्मीर मसले का हल करने को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा, "यहां कोई आर्थिक पैकेज के लिए अपनी जान नहीं देता है। चिदम्बरम की घोषणा तो हमारी बुनियादी मांगों के मुताबिक भी नहीं है।"
उधर, दो अन्य अलगाववादी नेताओं मीरवाइज फारुख और यासीन मलिक ने कहा है कि वे पैकेज की समीक्षा के लिए एक बैठक बुलाएंगे और फिर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications