राष्ट्रमंडल खेल : उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथ, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर तैयार (राउंडअप)
उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए विशेष तौर पर तैयार स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का रविवार को उद्घाटन किया। यह विशेष सेंटर सफदरजंग अस्पताल परिसर में बनाया या है। 70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र में खिलाड़ियों के इलाज से जुड़ी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। खेलों के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
इस बीच, आस्ट्रेलिया के चैम्पियन तैराक एश्ले कैलस और इंग्लैंड की जेन्ना रेन्डाल ने रविवार को कहा कि तमाम विरोधाभास के बावजूद वे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे। आयोजकों को हालांकि ब्रिटेन की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त महिला टेनिस खिलाड़ी एलिना बालटाचा और आस्ट्रेलिया के दो खिलाड़ियों के हिस्सा नहीं लेने की बुरी खबर भी मिली।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक राष्ट्रमंडल खेलों के 44 वर्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि ब्रिटिश राजपरिवार को उद्घाटन की उद्घोषणा से महरूम किया जाएगा। पत्र ने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है।
पत्र के मुताबिक इस संबंध में भारत सरकार और शाही परिवार के दफ्तर क्लेरेंस हाउस के बीच शनिवार को चर्चा हुई, जिसके माध्यम से यह बात सामने आई कि राष्ट्रपति ही खेलों का उद्घाटन करेंगी।
वर्ष 1966 में जमैका के किंग्सटन शहर में हुए पहले राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर 2002 तक आमतौर पर इन खेलों का उद्घाटन ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय करती रहीं हैं लेकिन इस बार वह इसके लिए भारत नहीं जा रही हैं। महारानी ने व्यस्त कार्यक्रम के कारण भारत जाने से इंकार कर दिया है।
कुछ खिलाड़ी हटे, कुछ ने दिया भरोसा :
खिलाड़ियों के हटने और भारत आने के वादे से जुड़ी खबर पर गौर करें तो रेन्डाल और कैलस का यह फैसला आयोजकों के लिए ऐसे वक्त में खुशी की खबर बनकर आया, जब कई खिलाड़ी सुरक्षा और साफ-सफाई का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले चुके हैं।
समाचार पत्र 'कूरियर मेल' ने बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले कैलस के हवाले से लिखा है, "मैं चौथे राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने के लिए तैयार हूं। दिल्ली में जो हो रहा है, इससे मेरा खेलों में हिस्सा लेने का फैसला प्रभावित नहीं हुआ है। मैं 110 प्रतिशत इन खेलों में हिस्सा लूंगा।"
दूसरी ओर, रेन्डाल ने कहा कि वह अपनी लम्बे समय की दोस्त ओलिविया एलिसन के साथ दिल्ली में शिरकत करेंगी। बकौल रेन्डाल, "अभी मैं अभ्यास पर जोर दे रही हूं। हम सोमवार को भारत रवाना हो रहे हैं। मैं राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन की आस लगाए हुए हूं।"
इससे पहले, ब्रिटेन की टेनिस स्टार बालटाचा ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत जाने से इंकार कर दिया। बालटाचा ने कहा है कि वह खेल गांव में साफ-सफाई को लेकर डरी हुई हैं।
बालटाचा पांचवीं ऐसी टेनिस स्टार हैं, जिन्होंने नई दिल्ली जाने से इंकार कर दिया है। इससे पहले आस्ट्रेलिया लेटन हेविट और समांथा स्टोसुर, ब्रिटेन के एंडी मरे और साइप्रस के मार्कस बघदातिस ने भारत जाने से इंकार कर दिया था।
इससे ठीक पहले, आस्ट्रेलिया के दो और एथलीटों ने नाम वापस ले लिया। 'आस्ट्रेलियाई एसोसिएटेड प्रेस' के मुताबिक नाम वापस लेने वालों में साइकिल चालक ट्रेविस मायेर और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी स्टेफाने सांग शामिल हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से नाम वापस लिया है।
एक सप्ताह के भीतर तीसरे आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने खेलों से नाम वापस लिया है। डिस्कस थ्रो की विश्व चैम्पियन डानी सैमुएल्स के नाम वापस लेने के बाद आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष पैरी क्रॉसव्हाइट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था।
क्रासव्हाइट ने कहा कि मायेर और सांग का नाम वापस लेना भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खेलों के शुरू होने से ठीक पहले इन खिलाड़ियों ने नाम वापस लेकर अच्छे अनुभव से खुद को महरूम कर लिया है।
आयोजन स्थलों पर सुरक्षा घेरा तैयार नहीं :
एक तरफ जहां विदेशी टीमों के खिलाड़ी और अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रमुखता से नजर रखे हुए हैं वहीं दिल्ली पुलिस जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम सहित प्रमुख आयोजन स्थलों पर नाकेबंदी का काम अब तक पूरा नहीं कर सकी है। इसका कारण यह है कि इन स्थानों पर अब भी निर्माण कार्य चल रहा है। शनिवार रात तक सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थलों पर अपना सुरक्षा घेरा तैयार नहीं कर सकी थीं।
अधिकारी ने कहा, "मुख्य आयोजन स्थल नेहरू स्टेडियम में अभी भी काम जारी है। हमें कहा गया है कि इस स्टेडियम को रविवार रात तक सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया जाएगा। साथ ही खेल गांव को हमारे हवाले करने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया है।"
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने 23 सितम्बर को एक चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि आयोजन समिति आयोजन स्थलों पर काम जल्द से जल्द निपटाकर स्टेडियमों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दें, जिसके कि दिल्ली पुलिस अपना सुरक्षा घेरा तैयार कर सके।
इसी संबंध में केंद्रीय गृह सचिव जी.के. पिल्लई ने रविवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में हुई इस बैठक में आयुक्त वाई.एस. डडवाल, संयुक्त आयुक्तों और सहायक आयुक्तों ने हिस्सा लिया।
स्टेडियमों की सुरक्षा के लिए 85,000 पुलिकर्मियों की तैनाती दिल्ली पुलिस की ओर से की जाएगी। इनमें सादी वर्दी वाले पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। साथ ही साथ 20,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती स्टेडियमों और आयोजन से जुड़े अन्य स्थानों पर की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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