नदियों का जलस्तर घटा, बाढ़ की स्थिति में सुधार (राउंडअप)

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर, बिजनौर और शाहजहांपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी जलभराव कम हो रहा है। दिल्ली में भी यमुना का जलस्तर जल्द ही खतरे के निशान से नीचे पहुंचने की संभावना है।

हरिद्वार की जिलाधिकारी आर. मीनाक्षीसुंदरम ने बताया कि राहत कार्य जारी हैं और लोगों को जरूरी वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ज्यादातर गांवों से पानी उतर गया है और केवल तीन या चार गांवों में ही पानी ठहरा हुआ है। बाढ़ से हरिद्वार जिले के 40 गांवों के तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभवित हुए। अब राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है।

आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने कहा कि पौड़ी जिले के कालिंदी खाल में फंसे बंगाल के ट्रैकिंग दल के सदस्यों को अब तक तलाशा नहीं जा सका है। सेना का चीता हेलीकाप्ॅटर रविवार को भी इन्हें ढूंढने में लगा रहा लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका। यह दल करीब छह दिन से लापता है।

पूरे राज्य में सड़कों को खोलने के लिए राहत कार्य जारी हैं सेना के चार हेलीकाप्टर राहत कार्य में जुटे हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीएमएस) के प्रयासों से बचाव कार्यो में तेजी आई है। गंगोत्री यमुनोत्री में सड़क यातायात बाधित है जबकि केदारनाथ और बदरीनाथ में यातायात शुरू हो चुका है।

उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर, बिजनौर और शाहजहांपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है और विभिन्न संगठनों ने राहत कार्य तेज कर दिया है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों की मदद के लिए विभिन्न स्वयंसेवी संगठन और संस्थाएं राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ, कपड़े, दवाई और पशुओं का चारा पहुंचा रही हैं।

मेरठ जिले के हस्तिनापुर इलाके में आर्मी इंजीनियर फोर्स ने अब तक 400 लोगों की जान बचाई है। आठ मोटर बोट, 130 लाइफ जैकेट की मदद से बाढ़ में फंसे इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

भारतीय चिकित्सा पारिषद (एमसीआई) के पदाधिकारी डॉक्टर यू. सी. गौर और डॉक्टर मनोज कावरा के नेतृत्व में एक टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों के गांवों में लोगों का इलाज कर रही है।

बाढ़ के कारण गóो की सात लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। इसके साथ ही धान, मक्का, दलहन की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी संतोष यादव ने कहा कि बाढ़ग्रस्त गांवों से पानी निकल चुका है, लेकिन खेतों में अभी पानी भरा हुआ है। इन इलाकों में सर्वेक्षण कराया जा रहा है, जिससे कि नुकसान का सही अनुमान लगाया जा सके । इसके बाद ही प्रभावित लोगों को मुआवजा मुहैया कराया जाएगा।

दिल्ली में लगातार एक हफ्ते से खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना नदी के जलस्तर जल्द ही खतरे के निशान से नीचे आ जाने की संभावना है।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को यमुना का जलस्तर 0.25 मीटर घटकर 205.08 मीटर पर पहुंच गया और स्थिति काबू में हैं।

उन्होंने बताया, "हरियाणा से हर घंटे यमुना में करीब 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो कि सामान्य है। हमें रविवार शाम सात बजे तक नदी में जलस्तर खतरे के निशान के नीचे चले जाने की उम्मीद है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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