नेपाल में फिर विफल रहा प्रधानमंत्री का चुनाव
मौजूदा 598 सांसदों में से केवल 118 ने ही वोट दिया। परिणामस्वरूप चुनाव विफल रहा और संसद के सभापति सुभाष नेमबांग ने 30 सितम्बर को नौवें दौर के चुनाव की घोषणा की।
नेपाल के चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने संसद में अकेले चुनाव लड़ा है, जबकि उसकी एक मात्र प्रतिद्वंद्वी माओवादी पार्टी ने अपने अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल प्रचंड को चुनावी मैदान से हटा लिया है।
माओवादी पार्टी के उप प्रमुख डॉ.बाबूराम भट्टराई ने रविवार को संसद को बताया कि सातवें दौर का चुनाव विफल होने के बाद लोगों में चिंता और हताशा बढ़ने लगी है। उनकी पार्टी ने महसूस किया है कि जारी प्रक्रिया बेकार साबित होगी और जब तक कोई राष्ट्रीय सहमति नहीं बन जाती, किसी सरकार का गठन मुश्किल होगा।
भट्टराई ने एनसी के उम्मीदवार राम चंद्र पौडेल से भी आग्रह किया कि वह चुनावी दौड़ से बाहर हो जाएं ताकि नया रास्ता खोजा जा सके।
यद्यपि 601 सदस्यीय संसद ने एक सुर से माओवादी प्रमुख प्रचंड के नामांकन वापस लेने का समर्थन किया, लेकिन एनसी ने डबल क्रास के भय से अपना उम्मीदवार वापस लेने से इंकार कर दिया।
एनसी के मुख्य सचेतक लक्ष्मण घिमिरे ने कहा कि उनकी पार्टी माओवादियों के प्रस्ताव पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी। शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में घिमिरे ने कहा था कि कम्युनिस्ट प्रमुख झालानाथ खनाल को नए प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने हेतु माओवादियों और कम्युनिस्टों के बीच संभावित साजिश के भय से एनसी अपना उम्मीदवार वापस नहीं लेगी।
माओवादियों ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह रविवार के चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। इस घोषणा के पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनीफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट (सीपीएन-यूएमएल) और माओवादियों के बीच एक समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियां रविवार के चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी।
नेपाल के संविधान के अनुसार किसी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए 601 सदस्यीय संसद में आधी से अधिक सदस्यों के समर्थन की जरूरत है।
रविवार के चुनाव में मौजूदा 598 सांसदों में से केवल 189 सांसदों ने ही हिस्सा लिया। इसमें से 71 ने मतदान नहीं किया, जबकि दो ने पौडेल के खिलाफ वोट दिया। इस तरह पौडल को मात्र 116 वोट हासिल हुए।
जहां माओवादी और कम्युनिस्ट एनसी से आग्रह कर रहे हैं कि वह मैदान से हट जाए, वहीं नेमबांग ने चेतावनी दी है कि यह ज्यादा दिनों तक संभव नहीं हो पाएगा कि एनसी उम्मीदवार मैदान में डटा रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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