पाकिस्तानी सेना को कटघरे में खड़ा करने पर मंत्री बर्खास्त
इस्लामाबाद, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में सेना और सरकारी स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाले एक संघीय मंत्री अब्दुल कय्यूम जटोई को बर्खास्त कर दिया गया है। जटोई ने पूर्व प्रधानमंत्री मरहूम बेनजीर भुट्टो और बलूच नेता नवाब बुगती की हत्या के संदर्भ में सेना पर उंगली उठाई थी।
पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के अनुसार जटोई रक्षा उत्पाद मामलों के मंत्री थे। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जटोई को तलब किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि गिलानी अपने इस मंत्री से बेहद खफा थे और इस वजह से उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल बेदखल कर दिया गया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद जटोई ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा, "क्वे टा में मैनें जो कुछ भी कहा था, वे मेरे निजी विचार थे। मेरे बयान देने का मकसद देश के किसी भी संस्थान को नीचा दिखाना नहीं था। मैंने प्रधानमंत्री सलाह पर पद से इस्तीफा दिया है।"
यह पूरा मामला पिछले दिनों का है जब ने जटोई ने बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में स्थानीय नेताओं के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में बुगती के बेटे तलत बुगती भी मौजूद थे। जटोई ने कहा, "क्या हमने सेना को वर्दी इसलिए पहनाई है कि वह अपने ही लोगों जैसे बेनजीर भुट्टो और नवाब बुगती का कत्ल कर दे?"
इस बैठक में जटोई यहीं नहीं रुके। उन्होंने भष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए कहा, "भ्रष्टाचार में सिंधी, पख्तून, बलूच, सरायकी और पंजाबी सभी लोगों को बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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