भारतीय चिकित्सक नेपाल का 'हृदय सम्राट'
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। दुनिया भर में रविवार को विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है, इसलिए भारतीय चिकित्सक भरत रावत एवं उनकी पत्नी अंजलि काठमांडू स्थित अपने अस्पताल में भर्ती हृदय रोगी के लिए विशेष भोजन तैयार कर रहे हैं- बिना तेल और मसाले का डोसा।
नेपाल के 86 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री कृष्ण प्रसाद भट्टराई के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट के बाद गुरुवार को उन्हें 'नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल' में लाया गया। भूख लगने पर उन्हें यही दक्षिण भारतीय स्वादिष्ट भोजन 'डोसा' दिया गया।
जब नेपाल के राष्ट्रपति राम बरन यादव भट्टराई को देखने अस्पताल पहुंचे तो पूर्व प्रधानमंत्री ने उनके समक्ष डोसा और जलेबी खाने की इच्छा जताई।
नॉर्विक अस्पताल के चिकित्सक एवं कार्यकारी निदेशक रावत ने कहा, "मेरी पत्नी ने घर में डोसा बनाने का निश्चय किया, इसलिए भट्टराई जी चाहते हैं तो उन्हें वह खाने को दिया जा सकता है।"
ऐसे छोटे-छोटे भावनात्मक स्पर्श और काबिलियत के चलते भारतीय चिकित्सक नेपाल के समाज में इस कदर घुल-मिल गए हैं कि शीर्ष हृदयरोग विशेषज्ञ के रूप में उनकी पहचान बन गई है।
राजस्थान के रहने वाले 43 वर्षीय चिकित्सक रावत रविवार को नेपाल के प्रमुख अखबारों में छाए रहे। यहां तक कि मुख्यधारा के दैनिक और लघु समाचारपत्रों में भी उनके लेख प्रकाशित हुए।
हृदयरोग विशेषज्ञ ने अपने लेखों में नेपाल में दिल की बीमारियों के कारणों और उनके उपचार पर रोशनी डालकर लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है, जिसका व्यापक स्वागत हुआ। शनिवार को नॉर्विक अस्पताल ने उनकी पहली पुस्तक 'हार्ट डिजीज : ए लाइफस्टाइल डिजीज' (हृदयरोग : जीवनशैली का रोग) जारी की।
50 पृष्ठों की यह पुस्तक आपको बताती है कि दिल की गड़बड़ी के पहले लक्षण को आप कैसे पहचानेंगे, हृदयाघात के बावजूद ठीक हो चुके रोगियों की सच्ची दास्तान और हृदयाघात की चिंता से मुक्त होकर कैसे जिएं।
रावत ने नेपाल में खासकर 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में बढ़ती दिल की बीमारियों से सचेत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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