पैदावार घटने से बढ़ सकते हैं टमाटर के दाम
शिमला, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते अगले कुछ महीनों में टमाटर के दाम उत्तर भारत में उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ सकते हैं।
व्यापार प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रदेश में टमाटर की 60 से 70 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई है इससे उत्तर भारत में टमाटर के दाम बढ़ सकते हैं।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक आर. के. सारोया ने आईएएनएस से कहा, "प्रदेश में टमाटर उत्पादक क्षेत्र के सोलन, शिमला, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर और कुल्लू में सितम्बर में भारी बारिश के चलते टमाटर की 60 प्रतिशत फसल नष्ट हुई है।"
हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत में टमाटर की भारी पैदावार करने वाला प्रदेश है। प्रदेश में 1,024 हेक्टेयर में टमाटर की पैदावार होती है। वर्ष 2009-10 में प्रदेश में 3,38,240 टन टमाटर की पैदावार हुई थी।
सारोया ने कहा कि टमाटर की ज्यादातर फसल 21 से 23 सितम्बर के बीच हुई भारी बारिश के कारण बर्बाद हुई है।
उन्होंने कहा, "यहां पर बाजार में पहुंचाने के लिए अच्छी फसल बेहद कम बची है।"
टमाटर उगाने वाले किसान गोविंद राम ने कहा कि बारिश के कारण फसल को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, "अगस्त में केवल 30-40 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ था लेकिन इस महीने नुकसान का आंकड़ा करीब 70 प्रतिशत हो गया है। भारी बारिश के कारण गोभी, शिमला मिर्च और सेम की फसलों को भी नुकसान हुआ है।"
कृषि निदेशक जे. सी. राणा ने कहा कि भारी बारिश के कारण सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस मौसम में सब्जियों की पैदावार अनुमानित 6.5 लाख टन की तुलना में 5.5 लाख टन रह सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications