अधिकांश मझौली कंपनियां ईआरपी का इस्तेमाल नहीं करतीं
एसएपी सॉल्यूशन एवं परामर्श कंपनी वाइटल वायर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय सिंह ने आईएएनएस को बताया, "मध्यम आकार की 20 प्रतिशत से भी कम कंपनियां पूर्ण रूप से विकसित ईआरपी उत्पादों का इस्तेमाल करती हैं। नियामकों और औद्योगिक संघों को इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहन देना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि छोटी कंपनियां नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और व्यापार के नियमों को लेकर अभी भी आशंकित हैं। इस पद्धति से निर्माणकर्ता कंपनियों की परिचालन कीमत में 10 प्रतिशत की कमी आती है।
सिंह ने कहा, "ईआरपी व्यवस्था कंपनियों की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने में महत्वपपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक एकीकृत व्यवस्था है जो सूचना, उत्पादकता, कार्यक्षमता और विश्वसनीयता की प्रामणिकता सुनिश्चित करती है।"
उन्होंने बताया कि ईआरएस एक संस्थान के कई विभागों जैसे विपणन, विक्रय, उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन, उत्पाद प्रबंधन और वित्तीय प्रबंधन में आपसी संतुलन स्थापित करती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications