चाीन में ताजा होगी 150 साल पुरानी तबाही की याद
पुराने ग्रीष्मकालीन महल नाम से मशहूर यूआंगमिंगयूआन महल शिंग वंश (1644-1911)के शाही सदस्यों की सैरगाह हुआ करता था। इसे आंग्ल-फ्रांस की मित्र सेनाओं ने दूसरे अफीम युद्ध के दौरान 18 अक्टूबर, 1860 में जलाकर नष्ट कर दिया था।
यह महल एक बार वर्ष 1900 में लूटपाट और आगजनी का शिकार हुआ। इस बार आठ देशों ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, रूस, जापान, इटली और आस्ट्रिया की गठबंधन सेनाओं ने यहां कहर बरपाया ।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने यूआंगमिंगयूआन के प्रबंधन कार्यालय के निदेशक चेन मिंझी के हवाले से जानकारी दी है कि 'शांति, सहयोग और सद्भाव' नाम से पुराने दिनों की याद में कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत कई प्रदर्शनियां, सम्मेलन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम होंगे।
इस दौरान दर्शकों को लूट के समय के शिलालेख भी देखने को मिलेंगे।
फ्रेंच-चाइना फ्रेंडशिप सोसाइटी की एक संस्था लूट की घटना का जिक्र अपनी एक पुस्तक में करने वाले फ्रांस के लेखक विक्टर हूगो की एक प्रतिमा दान में देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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