प्रत्यक्ष कर संहिता में 55 हजार करोड़ की आय कर दायरे में शामिल होगी
साथ ही नई कर संहिता में कर दरें कम होने से सरकार को कर राजस्व में 53,172 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन के दौरान मित्रा ने कहा, "हम प्रत्यक्ष कर संहिता में मुनाफे आधारित कर छूटों को हटाएंगे लेकिन निवेश आधारित कर छूटें जारी रहेंगी।"
निवेश आधारित और मुनाफा आधारित कर छूटों के कारण सरकार को हर साल 80,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
मित्रा ने कहा कि वर्ष 2010-11 के पहले पहले महीनों में सरकार के अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 45 प्रतिशत और प्रत्यक्ष कर संग्रह में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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