मप्र के गांवों में बनेगी मनरेगा की कार्ययोजना

ग्राम सभाओं में राज्य की 52 हजार ग्राम पंचायतों में वन अधिकार अधिनियम के पात्र और पूर्व में वंचित रह गए जनजातीय वर्ग के लोग अपने दावे भी प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभाओं का सिलसिला आठ अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलेगा।

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि इन ग्राम सभाओं में पंचायतों की ओर से पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों के प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे और आय-व्यय का अनुमोदन भी होगा। साथ ही ग्राम सभा के सदस्यों को वन अधिकार अधिनियम से अवगत कराया जाएगा।

भार्गव के अनुसार इन बैठकों में मनरेगा की अगली कार्ययोजना बनाई जाएगी और प्रभावी हितग्राही मूलक योजनाओं के लिए हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा मनरेगा के प्रावधानों के अनुसार सामाजिक अंकेक्षण को और प्रभावी तरीके से लागू करने के प्रयास होंगे। साथ ही सामुदायिक दावे जैसे लघु वनोपज संग्रहण, चारागाह, निस्तारण की आवश्यकताओं की पूर्ति की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्राम सभाओं में महिलाओं की सहभागिता को और बढ़ाने के प्रयास होंगे। जिन पंचायतों में महिला सचिव हैं, वहां महिला सम्मेलन भी आयेाजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में उन्हें मनरेगा के बारे में और अधिक जागरूक किया जाएगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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