भारत और ब्लैकबेरी के बीच समझौता संभव: कनाडा
टोरंटो, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। कनाडा के व्यापार मंत्री पीटर वेन लोन ने शुक्रवार को भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा से मुलाकात के दौरान भारत में ब्लैकबेरी की सेवाओं पर प्रतिबंध की आशंका के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कहा कि स्मार्ट फोन निर्माता कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) को भारत के साथ समझौता करना चाहिए।
दोनों देशों के बीच 'रणनीतिक सहयोग' बढ़ाने के लिए 'पहली वार्षिक मंत्रीस्तरीय वार्ता' के अंतर्गत शर्मा और लोन के बीच यह मुलाकात हुई। दोनों देशों ने आपसी व्यापार को पांच साल में तीन गुना करके 15 अरब डॉलर तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भारत में करीब 10 लाख ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनी ब्लैकबेरी की सुरक्षा कारणों से अपने सांकेतिक भाषा वाले संदेशों को सरकारी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी के दायरे में लाने के लिए 31 अगस्त तक की समय सीमा को दो महीने बढ़ा दी गई है।
शर्मा ने कथित तौर पर सरकार के उस निर्णय को दोहराया है जिसमें सरकार ने अगली समयसीमा तक रिम द्वारा सुरक्षा एजेंसियों को अपनी सेवाओं की निगरानी उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। आरआईएम ने सरकार को अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
वेन लोन ने कहा कि ब्लैकबेरी की सेवाओं को निगरानी के दायरे में लाए जाने की भारत की मांग कनाडा में सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पहले से ही की जा रही निगरानी के समान है।
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के साथ पत्रकारों को संबोधित करते हुए लोन ने कहा, "आप जानते हैं कि कनाडा की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां न्यायाधीश के समक्ष सबूत प्रस्तुत करके वारंट जारी करा सकती हैं और इसके आधार पर किसी भी टेलीफोन कॉल और संचार के विभिन्न साधनों की जांच कर सकती हैं।"
लोन ने कहा, "मेरा मानना है कि आरआईएम को ऐसा प्रस्ताव लाना चाहिए जिससे उसकी आजादी, निजता के उसके मूल्यों की सुरक्षा हो और वैध सुरक्षा निगरानी का रास्ता भी खुले।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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