उल्फा के 19 आतंकवादी हिरासत में
फिलहाल इन्हें लेकर भ्रम की स्थिति है क्योंकि असम पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उल्फा के सदस्यों ने आत्मसर्मपण किया है और वे शांति प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं।
असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "उन्हें गिरफ्तार करने का सवाल ही नहीं पैदा होता, वे खुद ही आए हैं और शांति प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं।"
इससे पहले भारतीय खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि बांग्लादेश के ठिकानों से उल्फा के इन सदस्यों को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और बाद में इन्हें मेघालय में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया गया था।
उल्फा के इन सदस्यों को अभी गुवाहाटी में पुलिस हिरासत में रखा गया है। इनमें कुछ शीर्ष कमांडर जैसे कि अनू बुरागोहैन, भैटी बरुआ, बीजू डेका और प्रद्युत बुरागोहैन शामिल हैं। आतंकवादियों के साथ उनके नौ परिजनों को भी गिरफ्तार किया गया है।
उल्फा प्रमुख परेश बरुआ ने इस घटना की पुष्टि की है लेकिन कहा है कि उसके 20 साथी शिविर छोड़कर भाग गए हैं और इस समय वे दुश्मन के शिविर में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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