हरिद्वार में बनेगा अनोखा 'गंगा संग्रहालय'
देहरादून। हिमालय की गोद 'गंगोत्री' से निकलकर 'गंगासागर' तक कल-कल बहने वाली पतित पावन गंगा की यात्रा की कहानी के रहस्य को एक स्थान पर समाहित करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने एक अनोखा संग्रहालय बनाने का फैसला किया है। लगभग चालीस करोड़ की लागत से बनने वाला यह संग्रहालय हरिद्वार के हर की पैड़ी के ठीक सामने चण्डी द्वीप में बनाया जाएगा।
इस संग्रहालय में गंगा की गंगोत्री से गंगासागर तक की यात्रा का मनोहारी वर्णन होगा। प्रस्तावित योजना के तहत गंगा के धार्मिक महत्वों सहित उसका ऐतिहासिक विवरण इस संग्रहालय में रहेगा। संग्रहालय तक जाने के लिए एक पुल बनाने की भी योजना है। उम्मीद जताई जा रही है तीर्थ नगरी में बनने वाला यह संग्रहालय अपने आप में अनोखा होगा जिसे देख कर लोग अचरज में रह जाएंगे।
हरिद्वार के जिलाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित गंगा संग्रहालय की योजना जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत मंजूरी के लिए राज्य के शहरी विकास मंत्रालय को भेजी गई है। उधर, राज्य के शहरी विकास मंत्रालय की मानें तो सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है।
हालांकि इसके मूर्त रूप लेने में अभी भी दो वर्ष का समय लगेगा। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गंगा संग्रहालय एक अनूठा म्यूजियम होगा। जिसमें हजार से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता वाला आधुनिक व वातानुकूलित थियेटर भी होगा। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत राज्यों को अलग से धन मुहैया कराया जाता है। इसी योजना के तहत हरिद्वार प्रशासन ने प्रस्तावित गंगा संग्रहालय को बनाने का निर्णय लिया है।












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