बारिश व बाढ़ से अब तक 76 की मौत (राउंडअप)

नई दिल्ली , 12 सितंबर (आईएएनएस)। मूसलाधार बारिश और नदियों में आए उफान के कारण समूचा उत्तर भारत तथा पूर्वोत्तर के राज्य बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ एवं बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 76 लोगों को जान गंवानी पड़ी है।

राजधानी दिल्ली में रविवार सुबह मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाकों में जगह-जगह पानी भर गया जिससे यातायात जाम की समस्या पैदा हो गई। यमुना का जलस्तर हालांकि घटने लगा है, लेकिन शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है।

मध्य प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में 20, अरुणाचल प्रदेश में आठ, पश्चिम बंगाल में छह और असम में दो लोगों की मौत हुई है।

मध्य प्रदेश के देवास जिले में पिछले दिनों खातेगांव थाना क्षेत्र में बागदी नदी को पार करते वक्त यात्री बस के नदी में गिर जाने से जहां 23 लोगों की जान गई, वहीं खरगौन में खंडवा-बडोदरा मार्ग पर एक वाहन के नदी में बह जाने से दो लागों की मौत हो गई।

बड़वानी में एक मकान गिरने से दंपत्ति की मौत हो गई, जबकि इंदौर में दो बिजलीकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। महू व उज्जैन में भी बारिश के कारण एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। बैतूल की राजदोह नदी में नाव पलट जाने से दो लोगों की मौत हो गई, वहीं तवा नदी में कार के बह जाने से एक व्यक्ति को जान गंवाना पड़ी। इसी तरह विदिशा में दो और हरदा में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश में गोंडा, बहराइच, बाराबंकी और लखीमपुर खीरी जिलों में बाढ़ की स्थिति बरकरार है। गोंडा में कर्नलगंज और तरबगंज तहसीलों में घाघरा के पानी से 100 गांव जलमग्न हैं। नवाबगंज में सरयू का पानी 20 गांवों में प्रवेश कर गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित जिलों में बाढ़ से अब तक 20 मौतें हुई हैं।

अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण तबाही मची हुई है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू ने आईएएनएस से कहा, "भूस्खलन के कारण घरों के ढहने की घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है।"

उधर, पड़ोसी राज्य असम के चार जिलों के 250 गांवों में बाढ़ के पानी के घुसने के कारण पिछले तीन दिनों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है जबकि तीन लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं।

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से यमुना नदी उफान पर है। इसके कारण यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, भिवानी और झज्जर जिले के तकरीबन 125 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यमुना के जलस्तर में हालांकि अब कमी आनी शुरू हो गई है।

उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बारिश होने की वजह से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखण्ड में गढ़वाल मंडल में कई मार्गो सहित बद्रीनाथ-चमोली राजमार्ग बंद है।

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर क्षेत्र में बादल फटने से न्यूगोल नाले में फिर से बाढ़ आ गई है। इस कारण दो दर्जन से अधिक मवेशियों के बह जाने की आशंका है। करीब छह मजदूर चार घंटे से ज्यादा समय तक नदी में फंसे रहे। जलस्तर कम होने के बाद उन्हें नदी से निकाला जा सका।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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