कश्मीर हिंसा में 2 गंभीर रूप से घायल (लीड-2)

इस भीड़ ने कर्फ्यू का उल्लंघन कर सईद के आवास पर हमला किया था। शनिवार को घाटी में हुई व्यापक हिंसा के बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया था।

श्रीनगर, बारामूला और सोपोर कस्बों के विभिन्न इलाकों में भी कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाली भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की खबरें हैं। हिंसा में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जबकि आठ सुरक्षा कर्मियों सहित 12 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

इस बीच पिछले सप्ताह बारामूला में हुए संघर्ष में घायल हुए एक व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही 11 जून से जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 70 हो गई है।

पुलिस महानिरीक्षक (दक्षिणी कश्मीर) शफकत अहमद ने कहा, "अनंतनाग जिले के दमहाल खुशीपोरा गांव में रविवार दोपहर करीब 300 लोगों की भीड़ ने शिक्षा मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद के घर पर हमला कर दिया। सुरक्षा बलों ने पहले तो हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैसे के गोले दागे, लेकिन जब पथराव कर रही भीड़ हिंसक हो उठी तो उन्हें गोली चलानी पड़ी।"

उन्होंने बताया कि इस घटना में समीर अहमद मलिक नामक एक युवक बुरी तरह घायल हो गया। उसे पेट में चोट लगी है और उसे इलाज के लिए श्रीनगर के अस्पताल में ले जाया गया है।

उन्होंने बताया कि इस घटना में चार अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हमले के समय मंत्री आवास के भीतर थे।

श्रीनगर के मैसूमा में भी सुरक्षा बलों और पथराव कर रही भीड़ के बीच संघर्ष में एक युवक को आंसू गैस का गोला लग गया। कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाली भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को हवा में गोलियां भी चलानी पड़ी।

पुलिस ने यहां कहा, "घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और चिकित्सकों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।"

बेमिना इलाके में भी संघर्ष की खबर है।

इससे पहले शहर के सौरा में लोगों की भीड़ ने सुबह कर्फ्यू का उल्लंघन कर पुलिस तथा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर भारी पथराव किया। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "सौरा में पथराव में एक पुलिस उपाधीक्षक घायल हो गए। कर्फ्यू लागू करने के लिए सुरक्षा बलों को इस पर लाठी चार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।"

श्रीनगर के समीप लेथपोरा गांव में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। यही राजमार्ग घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने वहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव किया।

प्रशासन ने श्रीनगर और उत्तर कश्मीर के बारामूला और सोपोर तथा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, बिजबेहरा और घाटी के कुछ अन्य इलाकों में रविवार को अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को शहर में मीरवाइज फारुख और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फंट्र (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक के नेतृत्व में अलगाववादियों के जुलूस के बाद भड़की व्यापक हिंसा की वजह से कर्फ्यू लगाना जरूरी हो गया था।

उन्होंने बताया, "कर्फ्यू अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और हम स्थिति पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं।"

उन्होंने कहा, "कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के आकलन के दौरान कर्फ्यू की समीक्षा की जाएगी।"

अधिकारी ने बताया कि लोगों को 'हिंसा के लिए उकसाने' के आरोप में मीरवाइज के खिलाफ प्राथिमिकी दर्ज की गई है। यह पूछे जाने पर कि क्या मीरवाइज फारुख की गिरफ्तारी होगी, उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी कदम जरूरी होगा, उठाया जाएगा।

श्रीनगर में शनिवार को ईद की नमाज के बाद व्यापक हिंसा हुई। सैकड़ों युवकों ने आजादी के समर्थन में नारे लगाए तथा पुलिस और सरकारी इमारतों पर हमला किया।

हजरतबल में शनिवार सुबह नमाज के फौरन बाद हजारों लोगों ने मीरवाइज फारुख और मलिक की अगुवाई में शहर के लालचौक इलाके तक जुलूस निकाला। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने आगजनी की।

पुलिस और अर्धसुरक्षा बल जहां एक ओर भीड़ पर गोलीबारी करने से बचते रहे, वहीं भीड़ आगजनी करती रही। हजरतबल में ही पुलिस की बैरकों और एक वाहन को आग लगा दी गई।

बाद में छोटे समूहों में बंटे लोगों ने राज्य बिजली बोर्ड विभाग और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के कार्यालयों को आग लगा दी।

उत्तरी कश्मीर के सोपोर और कुंजेर तथा दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग और पुलवामा शहरों में थानों पर भीड़ ने हमले किए।

श्रीनगर और घाटी के अन्य शहरों में प्रशासन ने लोगों को ईद की नमाज अदा करने तथा त्योहार मानने का अवसर देने के लिए कर्फ्यू या प्रतिबंध नहीं लगाए थे।

इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईद के दौरान हिंसा के लिए मीरवाइज फारुख को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अलगाववादी नेता ने प्रशासन को भरोसा दिलाया था कि उनकी अगुवाई में निकलने वाला जुलूस शांतिपूर्ण रहेगा।

कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के लिए शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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