स्वदेशी एईडब्ल्यूसीएस युक्त एमब्रेयर विमान 2011 में भरेगा उड़ान
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के मुख्य नियंत्रक प्रहलाद ने कहा कि राडार युक्त एईडब्ल्यूसीएस काफी दूर और अंदर तक की जानकारी इकट्ठा कर सकता है।
यहां शुक्रवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए प्रहलाद ने कहा, "परीक्षण के बाद भारतीय एईडब्ल्यूसीएस युक्त विमान वर्ष 2011 के अंत तक उड़ान भर सकेगा।"
भारत और ब्राजील ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था जिसके तहत डीआरडीओ के एईडब्ल्यूसीएस को ब्राजीलियाई विमान में लगाया जाना है। ब्राजील के तीन एमब्रोयर-145 विमान डीआरडीओ द्वारा विकसित एक्टिव एरो एंटीना यूनिट (एएएयू) से युक्त होंगे।
प्रहलाद ने कहा, "इस समझौते के तहत परिवर्तित किए गए तीन एमब्रोयर-145 विमानों को तैनात किया जाएगा।"
डीआरडीओ की प्रयोगशाला रक्षा इलेक्ट्रानिक्स एप्लीकेशन प्रयोगशाला इसके लिए शुरुआती सेंसर, संचार व्यवस्था और डाटा लिंक का विकास कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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