अमेरिका अब घरेलू आतंकवाद के खतरे से चिंतित
वाशिंगटन, 11 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका वर्ष 2001 में हुए 9/11 के आतंकवादी हमले के नौ वर्ष के बाद आतंकवाद के मुद्दे को अलग नजरिए से देख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश को अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा या मध्य-पूर्व की अपेक्षा घरेलू आतंकवाद से ज्यादा खतरा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित एक समूह द्वारा कराए गए 42 पृष्ठों के सर्वेक्षण में घरेलू आतंकवाद की चुनौतियां और इसमें अमेरिकी नागरिकों की भूमिका से अवगत कराया गया है। साथ ही साथ अलकायदा व उससे जुड़े संगठनों के खतरों से भी आगाह किया गया है।
पूर्व डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि ली हेमिल्टन और न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर टॉम कीन की अध्यक्षता वाले इस समूह ने अमेरिकी जेहादी आतंकवादियों के बढ़ते खतरों से आगाह किया है और कहा है कि ऐसे लोग किसी जाति विशेष, आर्थिक, शैक्षणिक या सामाजिक ढांचे में फिट नहीं बैठते।
रिपोर्ट में कहा गया है, "हाल के कुछ वर्षो में ऐसा देखने को मिला है कि अमेरिकी नागरिक अलकायदा और उसके संगठनों के साथ मिलकर योजना बनाने और उसके क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।"
इसके मुताबिक, "कई मायनों में घरेलू आतंकवाद पर काबू पाना जटिल है क्योंकि संदिग्ध अब पाकिस्तान का कोई गरीब बच्चा नहीं रह गया है जो अमेरिका में आकर हमला करे। अब प्रबंधन व कॉलेज की पढ़ाई करने वाले भी इसमें आगे आ रहे हैं।"
ज्ञात हो कि टाइम्स स्क्वोयर पर बम विस्फोट करने की साजिश में पकड़ा गया फैसल शहजाद युवा अमेरिकी है जिसने एमबीए की डिग्री ले रखी है। यह घटना यदि घटित हो जाती तो 9/11 के बाद अमेरिका में सबसे यह बड़ा आतंकवादी हमला होता।
रिपोर्ट में कहा गया है, "आने वाले वर्षो में ऐसी घटनाओं के होने की आशंका बनी रहेंगी।"
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर ड्रोन हमले के कारण ओसामा बिन लादेन और अलकायदा का दूसरा प्रमुख सरगना अल जवाहिरी भूमिगत हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications