मुख्यमंत्री बनने से पहले मुंडा ने लिया मां का आर्शीवाद
बयालीस वर्षीय मुंडा भाजपा-झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) गठबंधन के नेतृत्व में बनने वाली सरकार के मुखिया के तौर पर शनिवार को शपथ ग्रहण करेंगे और इसके साथ ही राज्य में दो जून से लगा राष्ट्रपति शासन समाप्त हो जाएगा।
मुंडा और उनकी पत्नी मीरा गुरुवार रात ही जमशेदपुर चले गए थे और शुक्रवार को वहां से लौट आए।
उनकी मां सायरा कहती हैं, "वह परिवार में हर किसी का ध्यान रखते हैं। वह अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से परिवार के लिए समय निकाल लेते हैं और जानते हैं कि सभी को किस तरह साथ रखना है।"
इससे पहले मुंडा ने आईएएनएस से कहा था, "मैं अपनी मां के शब्दों पर चलता हूं। उन्होंने कहा था कि यदि आप कर सकते हैं तो हर किसी की मदद करें।"
मुंडा का जन्म तीन मई, 1968 को हुआ था। मार्च 2003 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे और फिर दो साल बाद ही मार्च 2005 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।
वह 90 के दशक की शुरुआत में राजनीति में आए थे और 1995 में झामुमो के टिकट पर विधायक चुने गए। वर्ष 2000 में वह भाजपा में शामिल हुए और 2000 व 2005 में फिर विधायक चुने गए। वर्ष 2009 के आम चुनावों में वह जमशेदपुर से लोकसभा के लिए चुने गए।
मुंडा राजनीति के अलावा संगीत और गोल्फ में भी रुचि रखते हैं। उन्होंने दो किताबें भी लिखी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications