उत्तराखंड में गंगा खतरे के निशान से ऊपर
देहरादून, 8 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारी बारिश के कारण राज्य के राजमार्ग सहित संपर्क मार्ग जगह-जगह बाधित हैं, तो वहीं गंगा खतरे के निशान को पार कर गई हैं।
बारिश के कारण प्रसिद्ध चारों धाम यात्रा को भी धक्का लगा है। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
समूचे उत्तर भारत में जारी मानसूनी बारिश और भूस्खलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सूबे में स्थित प्रसिद्ध चार धामों में से गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ यात्रा मार्ग सड़क पर मलबे के कारण बंद रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घटों में भारी बारिश के आसार हैं। किसी भी आपदा से निपटने के लिए प्रशासन को निर्देश जारी किया गया है।
हरिद्वार के जिलाधिकारी आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि गंगा का जलस्तर बुधवार शाम खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर था। रात में इसके और ऊपर जाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील गांवों में लोगों को सचेत कर दिया गया है। साथ ही पुलिस और जल तथा अग्निशमन विभाग को तैयार रहने को कहा गया है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय गुंज्याल के मुताबिक गंगा खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने संभावित खतरे के मद्देनजर पूरी तैयारी कर ली है। अग्निशमन व जल सेवा विभाग को सजग कर दिया गया है। साथ ही रिजर्व पुलिस बलों को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
गुंज्याल ने बताया कि गंगा किनारे स्थित बिशनपुर गांव के आसपास चालीस गांव ऐसे हैं, जो तटबंध टूटने से बहाव की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि सभी गांवों में मुनादी करा दी गई है कि लोग गांव छोड़ने को तैयार रहें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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