ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की अनुपस्थिति से सोनिया चिंतित
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे देश में 31 नए जवाहर नवोदय विद्यालयों के भवनों का लोकार्पण करते हुए सोनिया ने एक समारोह में कहा, "अन्य सरकारी स्कूल इतने अच्छे क्यों नहीं हैं? ग्रामीण इलाकों में 12वीं तक के स्कूलों के एक-चौथाई अध्यापक अनुपस्थित रहते हैं। अच्छी संख्या में दाखिले होते हैं लेकिन पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या बहुत अधिक है।"
सोनिया ने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालयों में शिक्षा को बदलते समय की जरूरतों को पूरा करना चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय आवासीय विद्यालय हैं और उनमें छठी से 12 वीं तक शिक्षा दी जाती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के अपने उद्देश्य में नवोदय विद्यालय काफी हद तक सफल रहे हैं।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि वर्ष 1985-86 के दो नवोदय विद्यालयों की तुलना में अब देश में 593 नवोदय विद्यालय हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जवाहर नवोदय विद्यालयों की उत्पत्ति हुई।
बुधवार को जिन नवोदय विद्यालयों का उद्घाटन किया गया वे मिजोरम, उत्तराखण्ड, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखण्ड और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में स्थित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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