राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने होमी सेठना के निधन पर शोक जताया (लीड-1)
नई दिल्ली, 7 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ख्यातिलब्ध परमाणु वैज्ञानिक होमी सेठना के निधन पर मंगलवार को शोक जताया। प्रधानमंत्री ने सेठना को देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम का स्तंभ बताया तो वहीं राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने एक सच्चा देशभक्त खो दिया।
पाटील ने अपने शोक संदेश में कहा, "डॉ.सेठना ने देश के पहले शांतिपूर्ण परमाणु परीक्षण (1974) की सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।"
पाटील ने यहां जारी एक बयान में कहा, "शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु ऊर्जा के विकास में उनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण था। उनके निधन से हमने एक विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और एक सच्चा देशभक्त खो दिया है।"
प्रधानमंत्री ने होमी सेठना के बेटे रुस्तम सेठना को भेजे अपने शोक संदेश में कहा, "आपके पिता डॉ. होमी सेठना के दुखद निधन की खबर सुन कर मुझे गहरा दुख हुआ है। डॉ. सेठना एक शानदार परमाणु वैज्ञानिक और असाधारण इंसान थे।"
सिंह ने कहा, "परमाणु सामग्री के विकास और उसके उत्पादन और उसके बाद देश की ऊर्जा सुरक्षा खड़ी करने में देश के प्रयास में उनका अपार योगदान रहा है। वह शुरुआती वर्षो में भारतीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के एक स्तंभ रहे हैं।"
ज्ञात हो कि परमाणु ऊर्जा आयोग (एईसी) के पूर्व अध्यक्ष सेठना (86) का मुंबई के मालबार हिल्स स्थित उनके आवास पर रविवार की रात निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया।
सेठना के साथ अपने निजी लंबे और फलदायी जुड़ाव को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सेठना के गहरे ज्ञान, अंतर्दृष्टि और दर्शन से उन्हें अपार लाभ हुआ है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी सेठना के निधन पर शोक प्रकट किया और कहा कि एशिया में पहली बार इस्तेमाल हुए ईंधन के पुर्नसस्करण के लिए संयंत्र विकसित करने का श्रेय सेठना को ही जाता है। इसके साथ ही उन्होंने 1974 में पोखरण में पहले सफल परमाणु परीक्षण में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी।
चव्हाण ने कहा, "डॉ.सेठना जैसे व्यक्तित्व के अग्रणी कार्य के कारण ही भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में गर्व के साथ सिर ऊंचा कर पाया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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