सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वेतन बढ़ाया जाए : सुब्बाराव
फिक्की और भारतीय बैंक संगठन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में सुब्बाराव ने कहा, "यदि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक निजी क्षेत्र के बैंकों से प्रतिस्पर्धा में बने रहना चाहते हैं तो उन्हें समान वातावरण निर्मित करने की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "इस बात का जोखिम बना हुआ है कि यदि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वेतन भत्तों में वृद्धि नहीं की तो कुशल कर्मचारी उनसे दूर जा सकते हैं।"
वहीं वैश्विक बैंकों के उच्चाधिकारियों के भारी वेतन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "वेतन भत्तों के कई मामलों में स्थितियां काफी विकृत नजर आती हैं जो कि खतरनाक हैं। बैंक कर्मचारी छोटी अवधि में बड़ा लाभ प्राप्त करना चाहते जो कि दीर्घअवधि के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं।"
कुछ जानकारों के मुताबिक भारी मुनाफा कमाने के लिए वैश्विक बैंकों के अधिकारियों ने वेतन भत्तों में भारी वृद्धि की और डेरीवेटिव उत्पादों से भारी मुनाफा कमाया जिससे वर्ष 2008 का आर्थिक संकट पैदा हुआ।
सुब्बाराव ने कहा कि भारतीय बैंक बेसिल-3 नियमों के मुताबिक पूंजी पर्याप्तता मानदण्डों को पूरा करने में सक्षम हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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