सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

यह परीक्षण उड़ीसा के बालासोर जिले के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण क्षेत्र से किया गया। यह मिसाइल 200 से 300 किलोग्राम भार वाले परंपरागत मुखास्त्रों को वहन करने में सक्षम है।
परीक्षण क्षेत्र के निदेशक एसपी दाश ने बताया, "यह प्रक्षेपण मिशन की सभी जरूरतों के अनुकूल रहा। यह प्रक्षेपण सौ फीसदी सफल रहा।" भारत और रूस ने संयुक्त रूप से इस मिसाइल को डिजाइन किया है। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोसक्वा नदी के नाम पर रखा गया है।
'ब्रह्मोस एयरोस्पेस' के प्रवक्ता ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण सुबह 11.35 बजे किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि इस मिसाइल ने बड़े कौशल के साथ और सीधी डाइव लगाते हुए निर्धारित जटिल प्रक्षेप पथ में उड़ान भरी। प्रवक्ता ने कहा कि यह पहला मौका है जब कोई क्रूज मिसाइल किसी सुपरसोनिक डाइव में सफल रही है। सशस्त्र बलों के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह पूरी तरह से सटीक उड़ान थी।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस परियोजना से जुड़े सुरक्षा बलों और रक्षा वैज्ञानिकों को बधाई दी है। परीक्षण के मौके पर सेना में तोपखाना इकाई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विनोद नयनार और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए.एस. पिल्लै मौजूद थे।
परीक्षण के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की ब्रह्मोस परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकऔर सेना की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।












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