बिहार में बंधक संकट बरकरार (राउंडअप)
एक अपहृत पुलिसकर्मी की पत्नी ने रविवार को ही इसके पहले संवाददाताओं को बताया था कि नक्सलियों ने उसे सूचित किया है कि उसके पति को रिहा कर दिया गया है, लेकिन पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करने से इंकार कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) पी.के.ठाकुर ने यहां संवाददाताओं को बताया कि पुलिसकर्मियों की रिहाई के बारे में कोई सूचना नहीं है। ठाकुर ने कहा, "हमें सूचना मिली है कि पुलिसकर्मियों को अभी तक रिहा नहीं किया गया है।"
ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि पुलिसकर्मी सुरक्षित लौट आएंगे।"
दूसरी ओर तलाशी अभियान में शामिल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक अधिकारी के मुताबिक रविवार को तलाशी अभियान कुछ शिथिल कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि कई इलाकों में रविवार को पुलिस बल नहीं भेजा गया। केवल जंगल से निकलने वाले रास्तों पर पुलिसकर्मियों को लगाया गया था।
सप्ताह भर से चल रहे इस बंधक संकट ने रविवार को उस समय एक नया मोड़ ले लिया था, जब इस बात के दावे किए गए कि नक्सलियों ने अपहृत तीन पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है।
स्थानीय पत्रकारों ने अपहृत पुलिसकर्मियों के परिजनों के हवाले से खबर दी कि अभय यादव, रूपेश कुमार सिन्हा और एहसान खान को नक्सलियों ने लखीसराय और जमुई जिले के बीच के जंगली इलाके में रिहा कर दिया।
पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने हालांकि इस घटना की पुष्टि करने से इंकार कर दिया।
नीलमणि ने कहा, "जब तक तीनों बंधक पुलिसकर्मी अपने घर नहीं पहुंच जाते हम कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।"
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी रविवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्हें बंधक पुलिसकर्मियों की रिहाई की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कोई जानकारी होगी तब वह खुद मीडिया को बता देंगे।
बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी अभय कुमार यादव की पत्नी रजनी देवी ने अपने मायके खगड़िया से टेलीफोन पर बताया कि सुबह एक कथित नक्सली भी उनसे मिलने आया था, जिसने अभय को छोड़ देने की बात कही। नक्सली ने रजनी से राखी भी बंधवाई।
रजनी ने कहा कि वह बहुत खुश है और उन्हें उम्मीद है कि उनके पति जल्द घर लौट आएंगे।
शनिवार रात नक्सलियों ने बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को बिना शर्त सुबह आठ बजे तक रिहा करने की बात कही थी। रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया) तथा एहसान खान (मांडर, रांची) के परिवार के लोग भी रिहाई के लिए आस लगाए हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी जबकि सात से ज्यादा जवान घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने चार जवानों को बंधक भी बना लिया था, जिसमें से एक लुकस टेटे की नक्सलियों ने शुक्रवार को हत्या कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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