राज्यपाल ने 'साइनिंग मशीन' टिप्पणी पर सफाई दी
चंडीगढ़, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने रविवार को अपनी उस टिप्पणी पर सफाई दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह राज्य में हस्ताक्षर करने वाली मशीन बन गए हैं।
पहाड़िया ने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी टिप्पणी में बिहार के राज्यपाल के कार्यकाल (1989-90) का जिक्र किया था।
पहाड़िया ने यह टिप्पणी शनिवार को उस समय की थी, जब वह पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में उत्तर भारत के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
पहाड़िया ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे ऐसा लगा जैसे उन्होंने हरियाणा सरकार की आलोचना की हो।
अपने पास अधिकार के अभाव पर नाराजगी जाहिर करते हुए पहाड़िया ने शनिवार को खुद को हस्ताक्षर करने वाली मशीन बताया था और कहा था कि उनके लिए सरकारी मामलों में कोई स्थान नहीं है।
कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन में उद्घाटन भाषण देते हुए पहाड़िया ने कहा था, "हरियाणा का राज्यपाल बनने के बाद मैं राज्य में हस्ताक्षर करने वाली मशीन बन गया हूं। हमारे पास फाइलें केवल हस्ताक्षर के लिए आती हैं, लेकिन उन पर मुझसे राय या सुझाव नहीं लिया जाता।"
पहाड़िया ने कहा, "फाइलें पहले ही जांच ली गई होती हैं और 'हरियाणा सरकार द्वारा सिफारिश की गई' जैसी टिप्पणी के साथ आती हैं। ऐसे में मेरे पास उन पर हस्ताक्षर करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता।"
पहाड़िया ने कहा, "अन्य राज्यों में मैंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना सर्वोत्तम प्रयास किया था, लेकिन हरियाणा में मेरे पास कुछ करने की कोई आजादी नहीं है। यद्यपि मैं यहां विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में मेरे लिए कोई जगह नहीं है।"
पहाड़िया ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल बिहार के विश्वविद्यालय संशोधन कानून का जिक्र किया था और हरियाणा सरकार की आलोचना करने का उनका कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उन्होंने बस यह कहना चाहा था कि जब संशोधन किया गया था तो उन्हें कैसा महसूस हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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