भ्रष्टाचार मामला : वीरभद्र जा सकते हैं सर्वोच्च न्यायालय
उच्च न्यायालय का फैसला तीन सितम्बर को आने के बाद पहली बार संवाददाताओं से मुखातिब वीरभद्र ने कहा, "हमारी अहम दलील यह नहीं थी कि मेरे और मेरी पत्नी के खिलाफ पुलिस में की गई शिकायत रद्द की जाए, बल्कि हम इस मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग कर रहे थे।"
हिमाचल प्रदेश के पांच बार मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह ने कहा, "अब हमारे पास तीन विकल्प रह गए हैं कि या तो सर्वोच्च न्यायालय की शरण लें अथवा फिर उच्च न्यायालय या सत्र न्यायालय जाएं।"
उल्लेखनीय है कि वीरभद्र सिंह एवं उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के खिलाफ पुलिस ने पिछले वर्ष तीन अगस्त को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप है कि 1989 में अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया तथा अापराधिक कदाचार को बढ़ावा दिया।
पुलिस के अनुसार उसने विजय सिंह मनकोटिया द्वारा 2007 में जारी की गई आडियो सीडी के आधार पर वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस के अनुसार सीडी में वीरभद्र सिंह को आईएएस अधिकारी महिंदर लाल के साथ पैसों के लेनदेन के बारे में बात करते सुना जा सकता है। महिंदर लाल की अब मौत हो चुकी है।
इस मामले में वीरभद्र सिंह का कहना है कि राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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