मुंबई हमले के मुकदमे के लिए भारतीय गवाह जरूरी : पाकिस्तान
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने भारत से कहा कि मुंबई हमले के सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमे को जारी रखने के लिए पाकिस्तानी अदालत में दो मुख्य भारतीय गवाहों की उपस्थिति अति आवश्यक है।
इसके साथ ही पाकिस्तान ने कहा कि गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए भारत का दौरा करने हेतु एक आयोग गठित किया जा सकता है।
पाकिस्तानी आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने माइक्रो ब्लागिंग साइट पर एक ट्वीट पोस्ट में लिखा है, "मैंने भारतीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम को बताया है कि यहां मुकदमे की प्रक्रिया जारी रखने के लिए पाकिस्तानी अदालत में दो मुख्य भारतीय गवाहों की उपस्थिति अति आवश्यक है।"
मलिक शनिवार को चिदंबरम के साथ हुई अपनी टेलीफोन वार्ता का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हमने सुरक्षा के मुद्दों पर और पाकिस्तान में जारी मुकदमे पर चर्चा की थी।"
मलिक ने लिखा है, "मैंने यह भी प्रस्ताव किया कि भारत का दौर करने और गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए एक आयोग गठित किया जा सकता है।"
मलिक ने चिदंबरम द्वारा पाकिस्तान में बाढ़ के कारण हुए जान-माल के नुकसान के प्रति दिखाई गई सहानुभूति और संवेदना की सराहना की।
मलिक ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त शरत सभरवाल से शनिवार को मिले और 26-29 नवंबर 2008 के मुंबई हमले की साजिश रचने के लिए सात संदिग्धों पर चलाए जा रहे मुकदमे में पाकिस्तान की प्रगति पर चर्चा की थी।
मुलकात के बाद मलिक ने संवाददाताओं को बताया था कि लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी और छह अन्य संदिग्ध वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भारतीय गवाहों की गवाही के मुद्दे पर अड़े हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तानी कानून के तहत इसकी अनुमति नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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