शेयर बाजारों में रही मजबूती, सेंसेक्स 1.24 प्रतिशत बढ़ा (साप्ताहिक समीक्षा)
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 2.19 प्रतिशत और निफ्टी में 2.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
इस सप्ताह बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 223 अंक (1.24 प्रतिशत) बढ़कर 18,221 पर बंद हुआ वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 70 अंक (1.3 प्रतिशत) बढ़कर 5,479 अंक पर बंद हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.8 प्रतिशत रही है।
इस सप्ताह बीएसई मिडकैप सूचकांक 224 अंक (2.9 प्रतिशत) बढ़कर 7,859 अंक पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 272 अंक (2.8 प्रतिशत) बढ़कर 9,913 अंक पर बंद हुआ।
इस सप्ताह सेंसेक्स में शामिल भारती एयरटेल (7.3 प्रतिशत), रैनबैक्सी (7.1 प्रतिशत), टाटा स्टील (6 प्रतिशत) और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (5.1 प्रतिशत) के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई।
वहीं बीएचईएल (-3.5 प्रतिशत), हीरो होंडा (-2.7 प्रतिशत) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (-2.5 प्रतिशत) सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज करने वाले शेयर रहे।
बीएसई पर इस सप्ताह क्षेत्रीय सूचकांकों में तेल एवं गैस सूचकांक को छोड़कर सभी सूचकांकों में मजबूती का रुख रहा। रियल्टी (3.2 प्रतिशत), एफएमसीजी (3.04 प्रतिशत), ऑटो सूचकांक (2.98 प्रतिशत) और धातु सूचकांक (2.9 प्रतिशत) सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले सूचकांक रहे।
जानकारों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में विकास दर 9 प्रतिशत के करीब रह सकती है। यह शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है। देश के निर्यात में हालांकि लगातार नौवें महीने तेजी दर्ज की गई है लेकिन निर्यात वृद्धि दर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। निर्यात कम रहने से देश का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी और यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं से मांग नहीं बढ़ने के कारण निर्यात क्षेत्र का प्रदर्शन आगे भी कमजोर रहने का अनुमान है। इसका शेयर बाजारों पर मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।
एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (एसोचैम) का कहना है कि इस साल निर्यात लक्ष्य से 10 प्रतिशत कम रह सकता है। सरकार ने निर्यात का लक्ष्य 200 अरब डॉलर रखा है लेकिन विदेशी बाजारों में मांग कमजोर रहने से वास्तविक निर्यात 180 अरब डॉलर रह सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications