भारत ने घाना के ऊर्जा क्षेत्र में रुचि बढ़ाई
भारत की 'फोकस अफ्रीका' नीति के तहत घाना का दौरा करने वाले केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने घाना के राष्ट्रपति जान इवांस अट्टा मिल्स और मंत्रियों के साथ इस पर चर्चा की।
शर्मा ने घाना के नेताओं को भारत द्वारा एक अरब डॉलर की लागत से बनाए जा रहे अमोनिया-यूरिया उर्वरक संयंत्र को प्रति वर्ष 11.5 लाख टन गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। घाना में बन रहे इस कारखाने के वर्ष 2014 में तैयार होने की उम्मीद है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार उन्होंने संयंत्र के लिए भूमि, जल और आधारभूत ढांचे के विकास का मुद्दा भी उठाया।
ओएनजीसी, ओवीएल और गेल ने वहां मौजूद तेल और गैस के संयुक्त खोज के लिए घाना राष्ट्रीय पेट्रोलियम निगम (जीएनपीसी) से चर्चा की।
घाना ने वर्ष 2007 में पहली बार पाया कि वह तेल और प्राकृतिक गैस भंडारों का वाणिज्यिक दोहन कर सकता है।
इसके बाद से हुई खोजों से घाना में कुल 1.6 अरब बैरल के तेल भंडारों का पता लग चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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